बाल मिठाई उत्तराखंड की प्रसिद्ध मिठाई है। बचपन में जब भी मेरा परिवार गांव से घर वापिस आता, बाल मिठाई का हमारे सामान के साथ होना तय था। ऐसा माना जाता है कि 7वी या 8वी सदी में ये मिठाई नेपाल से पहली बार यहाँ आई और 20वी सदी की शुरुआत में अल्मोड़ा के लाला जोगा राम शाह ने इस मिठाई को एक नए तरीके से बनाना शुरू किया। ये मूल रूप से खोये से बनती है और इसके उपर चीनी के दानें लगे होते हैं। लेकिन लाला जोगा राम के समय चीनी के दानो की जगह इस पर खसखस के बीज लगे होते थे। गढ़वाल और कुमाऊँ दोनों ही क्षेत्रोँ में ये बहुत लोकप्रिय है। बल्कि अब तो ये पूरे भारत में काफी मशहूर है।

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